मुंबई। अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तेल शोधन क्षमता की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को 'रिफाइनिंग सुपरपावर' बताते हुए कहा कि अमेरिका वेनेजुएला से आने वाले कच्चे तेल की अधिक मात्रा को रिफाइन करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ बातचीत करेगा। मंगलवार, 20 अक्टूबर को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान रुबियो ने भारत की ऊर्जा क्षेत्र में भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों के पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की तकनीकी क्षमता और अनुभव है।
रिलायंस से बातचीत करेगा अमेरिका
मार्को रुबियो ने कहा, "हम रिलायंस के साथ वेनेजुएला के अधिक कच्चे तेल को रिफाइन करने को लेकर बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत पहले भी वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को रिफाइन कर चुका है। भारतीय कंपनियों के पास वेनेजुएला में तेल उत्पादन से जुड़े मौजूदा अधिकार भी हैं, जिनका उपयोग भविष्य में उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
डीजल संकट के बीच भारत की भूमिका अहम
अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता के कारण नए आपूर्ति विकल्प तलाशे जा रहे हैं। ऐसे में भारत की बड़ी रिफाइनिंग क्षमता अमेरिकी ऊर्जा रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अकेले वैश्विक तेल आपूर्ति की कमी पूरी नहीं कर सकता, लेकिन आने वाले समय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री 21 अक्टूबर को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस की रिफाइनरी का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान ऊर्जा सहयोग और तेल शोधन से जुड़े प्रस्तावों पर आगे बातचीत होने की संभावना है। हालांकि, तेल शोधन बढ़ाने को लेकर अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
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