दिल्ली। भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के बीच आयोजित द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास KONKAN-26 सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह अभ्यास ब्रिटेन के प्लायमाउथ के तट के पास आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के युद्धपोतों ने हिस्सा लिया। भारतीय नौसेना ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
INS त्रिशूल और HMS सदरलैंड ने लिया हिस्सा
भारतीय नौसेना के स्टील्थ फ्रिगेट INS त्रिशूल और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के युद्धपोत HMS सदरलैंड ने इस संयुक्त अभ्यास में भाग लिया। अभ्यास का समुद्री चरण 12 से 15 अक्टूबर 2026 तक चला। इस दौरान दोनों नौसेनाओं ने समुद्र में संयुक्त संचालन और सामरिक समन्वय से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास किया।
आधुनिक समुद्री युद्ध कौशल का प्रदर्शन
KONKAN-26 के समुद्री चरण में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां शामिल रहीं। इनमें उन्नत जहाज संचालन और समुद्री पैंतरेबाजी, संयुक्त सामरिक अभ्यास तथा संचार प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही सतह पर मौजूद दुश्मन के जहाजों से निपटने की रणनीतियों और असममित समुद्री खतरों का मुकाबला करने का अभ्यास भी हुआ। अभ्यास के दौरान पनडुब्बी रोधी युद्ध कौशल और हथियारों से फायरिंग जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनका उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल और संचालन क्षमता को बेहतर बनाना था।
भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग को मजबूती
KONKAN अभ्यास भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह के संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं को समझने और साझा समुद्री चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है। समुद्री सुरक्षा, संचार समन्वय और संयुक्त अभियान की तैयारियों पर केंद्रित यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं के पेशेवर संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
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