मॉस्को। अफ्रीकी देश मोजाम्बिक के राष्ट्रपति डेनियल फ्रांसिस्को चापो ने रूस के साथ अपने देश के ऐतिहासिक संबंधों की सराहना करते हुए कहा है कि मानव पूंजी विकास, शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में रूस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मोजाम्बिक अपनी आर्थिक प्रगति और मानव संसाधन विकास के लिए रूस के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। राष्ट्रपति चापो ने टीवी ब्रिक्स को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान, व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी लगातार आगे बढ़ रहे हैं।राष्ट्रपति डेनियल चापो ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित साक्षात्कार में कहा कि मोजाम्बिक रूस के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करना चाहता है। उन्होंने आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। चापो ने कहा कि दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से विकासशील देशों के बीच साझेदारी मजबूत की जा सकती है और इससे आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा।उन्होंने ब्रिक्स देशों के साथ संबंध मजबूत करने को भी मोजाम्बिक की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश के ब्राजील, रूस, भारत, चीन और पड़ोसी दक्षिण अफ्रीका के साथ अच्छे संबंध हैं। इन देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर मोजाम्बिक आर्थिक विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और निवेश के नए अवसर तलाशना चाहता है।
राष्ट्रपति चापो ने रूस और मोजाम्बिक के बीच शैक्षणिक सहयोग के इतिहास को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1975 में देश की स्वतंत्रता के बाद बड़ी संख्या में रूसी शिक्षक मोजाम्बिक पहुंचे थे। इन शिक्षकों ने वहां विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।उन्होंने बताया कि रूसी शिक्षकों ने विशेष रूप से गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई में सहयोग किया। इससे मोजाम्बिक में वैज्ञानिक शिक्षा का आधार विकसित करने और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिली।राष्ट्रपति ने कहा कि आज भी रूस अफ्रीकी देशों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। अफ्रीका के विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी रूस के विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने पहुंचते हैं। यह शैक्षणिक आदान-प्रदान अफ्रीकी देशों की तकनीकी और पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने में सहायक है।
मोजाम्बिक के राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए केवल प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त नहीं होते, बल्कि कुशल मानव संसाधन की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान में निवेश को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।राष्ट्रपति चापो के अनुसार, उनका देश अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक विविध और मजबूत बनाना चाहता है। वर्तमान में मोजाम्बिक की अर्थव्यवस्था खनन और प्राकृतिक गैस जैसे संसाधन आधारित क्षेत्रों पर काफी हद तक निर्भर है। सरकार अब इस निर्भरता को कम करते हुए कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे और सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।उन्होंने कहा कि मोजाम्बिक सरकार कृषि, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में नए निवेश आकर्षित करना चाहती है। इसके अतिरिक्त समुद्री संसाधनों से संबंधित ब्लू इकोनॉमी में भी विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।राष्ट्रपति चापो ने जोर दिया कि आर्थिक विविधीकरण से देश में उत्पादन बढ़ाने और युवाओं तथा महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश का उद्देश्य केवल नई परियोजनाएं स्थापित करना नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय नागरिकों के कौशल और क्षमताओं का विकास भी होना चाहिए।
राष्ट्रपति डेनियल चापो ने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा, खनन, कृषि, परिवहन, शिक्षा, विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।मोजाम्बिक सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रूस ने इस वर्ष पहली बार मोजाम्बिक के सरकारी कर्मचारियों को पेशेवर प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया है। इसके साथ ही रूसी विश्वविद्यालयों में सरकारी वित्तपोषण के तहत पढ़ाई करने वाले मोजाम्बिक के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सीटों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है।राष्ट्रपति चापो ने कहा कि दोनों देशों के बीच पांच दशक से अधिक पुराने संबंध हैं। उन्होंने मोजाम्बिक के स्वतंत्रता संघर्ष और स्वतंत्रता के बाद विकास के विभिन्न चरणों में तत्कालीन सोवियत संघ तथा रूस के सहयोग का उल्लेख किया।
इस बीच मोजाम्बिक के सामने कई आर्थिक चुनौतियां भी मौजूद हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में गरीबी, कमजोर बुनियादी ढांचा और शिक्षा तथा स्वास्थ्य पर सीमित निवेश विकास की प्रमुख बाधाएं हैं। हर वर्ष पांच लाख से अधिक युवा श्रम बाजार में प्रवेश करते हैं, लेकिन रोजगार सृजन की गति उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है।ऐसी परिस्थितियों में मोजाम्बिक सरकार शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने से घरेलू उद्योगों, कृषि और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
राष्ट्रपति चापो ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मोजाम्बिक रूस सहित अन्य साझेदार देशों के साथ पारस्परिक लाभ के आधार पर काम करना चाहता है। उन्होंने निवेश के साथ तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और स्थानीय संस्थानों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।फिलहाल राष्ट्रपति डेनियल चापो के बयान से स्पष्ट है कि मोजाम्बिक रूस के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को शिक्षा और मानव पूंजी विकास से आगे बढ़ाकर व्यापक आर्थिक साझेदारी में बदलना चाहता है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित सहयोग के वास्तविक परिणाम भविष्य में लागू होने वाली परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और निवेश समझौतों पर निर्भर करेंगे।
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