दोपहर के खाने में दिया जहर, ऑस्ट्रेलियाई अदालत ने खत्म की रिहाई की गुंजाइश
मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के चर्चित ‘डेथ कैप’ मशरूम हत्याकांड में दोषी एरिन पैटरसन को अदालत से बड़ा झटका लगा है। विक्टोरिया की अपीलीय अदालत ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील खारिज कर दी। साथ ही अभियोजन की अपील स्वीकार करते हुए सजा में निर्धारित पैरोल की पात्रता समाप्त कर दी। अब उसे बिना पैरोल की संभावना के आजीवन कारावास भुगतना होगा। पहले सुनाई गई सजा में 33 वर्ष बाद पैरोल के लिए विचार किए जाने की गुंजाइश थी।
पैटरसन अपने सास-ससुर डॉन और गेल पैटरसन तथा गेल की बहन हीदर विल्किन्सन की हत्या की दोषी है। हीदर के पति इयान विल्किन्सन की हत्या के प्रयास में भी उसे दोषी पाया गया था। विक्टोरिया सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक विवरण के अनुसार, इन अपराधों के लिए चली जूरी सुनवाई के बाद उसकी दोषसिद्धि हुई थी। इसके बाद उसने दोषसिद्धि को चुनौती दी, जबकि लोक अभियोजन निदेशक ने सजा के खिलाफ अलग अपील दायर की थी।
यह मामला जुलाई 2023 में विक्टोरिया के लिओनगाथा स्थित पैटरसन के घर आयोजित पारिवारिक दोपहर के भोजन से जुड़ा है। मेहमानों को परोसे गए भोजन में जहरीले ‘डेथ कैप’ मशरूम थे। भोजन करने वाले चार रिश्तेदारों में से तीन की मृत्यु हो गई थी। इयान विल्किन्सन जीवित बच गए, लेकिन उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। पैटरसन का पक्ष रहा कि जहरीले मशरूम भोजन में गलती से शामिल हुए थे; अदालत में उसकी यह दलील स्वीकार नहीं हुई। मूल सजा सितंबर 2025 में सुनाई गई थी। न्यायाधीश क्रिस्टोफर बील ने उसे आजीवन कारावास दिया और 33 वर्ष की गैर-पैरोल अवधि निर्धारित की थी। इसका अर्थ 33 वर्ष पूरे होने पर स्वतः रिहाई नहीं था, बल्कि उस अवधि के बाद पैरोल पर विचार किए जाने की संभावना थी। अब अपीलीय अदालत ने वही पात्रता हटा दी है। इस तरह नया फैसला केवल पुरानी उम्रकैद की पुष्टि तक सीमित नहीं है; उसने सजा को और कठोर बनाया है।
अपीलीय अदालत ने सुनवाई की निष्पक्षता के खिलाफ पैटरसन की आपत्तियां स्वीकार नहीं कीं। एसबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने पाया कि उसे निष्पक्ष सुनवाई मिली थी। दूसरी ओर, न्यायाधीशों ने अभियोजन के इस तर्क को स्वीकार किया कि पूर्वनियोजित हत्याओं की गंभीरता को देखते हुए 33 वर्ष की गैर-पैरोल अवधि पर्याप्त नहीं थी।
न्यायमूर्ति स्टीफन मैकलीश ने अपराध की योजना और पारिवारिक विश्वास के उल्लंघन को महत्वपूर्ण माना। अदालत के अनुसार, पैटरसन का इरादा घटना से लगभग तीन सप्ताह पहले से अपने चारों मेहमानों की हत्या करने का था। फैसले में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के महत्व के अनुरूप सजा होने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसी आधार पर पहले तय गैर-पैरोल अवधि को हटाया गया। शुक्रवार का फैसला दो अलग कानूनी सवालों पर आया—पहला, क्या पैटरसन की दोषसिद्धि कायम रहनी चाहिए; दूसरा, क्या पहले दी गई सजा पर्याप्त थी। अदालत ने दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सजा बढ़ा दी। एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, फैसले के बाद यह स्पष्ट नहीं था कि उसका कानूनी दल ऑस्ट्रेलिया के हाई कोर्ट में आगे चुनौती देगा या नहीं। इसलिए आगे की संभावित अपील को फिलहाल तय कदम नहीं माना जा सकता।