मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले में पेड़ के तने पर उभरी एक आकृति इन दिनों ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. सड़क के किनारे बरम बाबा स्थान से करीब 100 मीटर की दूरी पर दो पेड़ों के तनों में भगवान बजरंगबली जैसी आकृति दिखाई देने की बात कही जा रही है. इसकी जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से लोग मौके पर पहुंचने लगे. कोई हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा है तो कोई धूप-अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना में जुटा है.
मौके पर जुटे लोगों के लिए यह केवल पेड़ पर बनी आकृति नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा विषय बन गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ के तने की गांठ में उन्हें बजरंगबली का स्वरूप दिखाई दे रहा है. हालांकि, आकृति के प्राकृतिक रूप से बनने की वजह या उसके स्वरूप को लेकर कोई वैज्ञानिक जांच सामने नहीं आई है.
यह मामला मधेपुरा सदर प्रखंड क्षेत्र में भेलवा गढ़िया जाने वाली सड़क के किनारे का है. बरम बाबा स्थान के पास लगे दो पेड़ों के तनों पर उभरी आकृति को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हुई. धीरे-धीरे इसकी जानकारी आसपास के गांवों तक पहुंच गई और लोग इसे देखने के लिए मौके पर आने लगे. मौके पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी पहुंच रहे हैं. श्रद्धालु पेड़ों के पास धूप-अगरबत्ती जला रहे हैं और फूल-माला तथा मिठाई चढ़ाकर पूजा कर रहे हैं. कुछ लोग इस आकृति की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में कैद कर रहे हैं, जबकि दूसरे लोग अपने परिचितों को भी इसके बारे में बता रहे हैं. स्थानीय स्तर पर यह जगह लोगों की जिज्ञासा और आस्था का केंद्र बन गई है. हालांकि, पेड़ पर उभरी आकृति को लेकर अलग-अलग लोगों की अपनी-अपनी मान्यताएं हैं.
भेलवा के वार्ड नंबर-3 की निवासी सुधा देवी भी इस आकृति को देखने पहुंचीं. उन्होंने बताया कि पेड़ के तने पर उन्हें भगवान बजरंगबली की आकृति दिखाई दे रही है. उनके अनुसार, पेड़ में बाबा बजरंगबली स्थापित हैं और इसी वजह से लोग यहां आकर पूजा कर रहे हैं. सुधा देवी की तरह कई अन्य ग्रामीण भी इस दृश्य को धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं. लोगों का कहना है कि पेड़ के तने की बनावट में उन्हें भगवान हनुमान का स्वरूप नजर आता है. इसी विश्वास के साथ वे वहां पूजा-अर्चना कर रहे हैं.
श्रीपुर निवासी जनार्दन शर्मा ने बताया कि वह अपने दरवाजे पर बैठकर चाय पी रहे थे. इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि सड़क किनारे पेड़ में बजरंगबली की आकृति दिखाई दी है. इसके बाद वह कुछ अन्य लोगों के साथ गाड़ी से मौके पर पहुंचे. जनार्दन शर्मा के मुताबिक, वहां पहुंचने पर उन्होंने लोगों को धूप-अगरबत्ती जलाते और पूजा करते देखा. उन्होंने बताया कि पेड़ की गांठ में उन्हें भी बजरंगबली जैसी आकृति नजर आई. इसके बाद उन्होंने मिठाई लाकर चढ़ाई. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को पेड़ में आकृति स्पष्ट दिखाई नहीं देती. ऐसे में लोग मोबाइल फोन में तस्वीर खोलकर उन्हें दिखा रहे हैं, ताकि वे भी उस बनावट को देख सकें.
जानकारों का कहना है कि पेड़ों के तनों पर गांठें, दरारें और उभरी हुई आकृतियां प्राकृतिक रूप से बन सकती हैं. कई बार इन बनावटों में लोगों को परिचित चेहरे, आकृतियां या धार्मिक प्रतीक दिखाई देने लगते हैं. इसे मनुष्य की दृश्य पहचान से जुड़ी सामान्य प्रवृत्ति के रूप में भी समझा जा सकता है. मधेपुरा के इस मामले में ग्रामीण पेड़ की बनावट को भगवान बजरंगबली के स्वरूप से जोड़ रहे हैं. कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ के लिए यह प्रकृति का अनोखा दृश्य है. फिलहाल किसी वैज्ञानिक परीक्षण या विशेषज्ञ की टिप्पणी की जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे आकृति बनने की वजह स्पष्ट हो सके.
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